भरतस्यान्वये चैवाजमीढो नाम पार्थिव:।
बभूव भरतश्रेष्ठ यज्वा धर्मभृतां वर:॥ २॥
अनुवाद
भरतवंश में अजमीढ़ नाम के एक विख्यात राजा हुए हैं। भरतश्रेष्ठ! वे राजा अजमीढ़ यज्ञकर्ताओं और धर्मात्माओं में श्रेष्ठ थे। 2॥
There has been a famous king named Ajmidh in Bharatvansh. Bharatshrestha! That king Ajmidh was the best among the yagya-performers and religious souls. 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥