श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 4: आजमीढके वंशका वर्णन तथा विश्वामित्रके जन्मकी कथा और उनके पुत्रोंके नाम  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  13.4.2 
भरतस्यान्वये चैवाजमीढो नाम पार्थिव:।
बभूव भरतश्रेष्ठ यज्वा धर्मभृतां वर:॥ २॥
 
 
अनुवाद
भरतवंश में अजमीढ़ नाम के एक विख्यात राजा हुए हैं। भरतश्रेष्ठ! वे राजा अजमीढ़ यज्ञकर्ताओं और धर्मात्माओं में श्रेष्ठ थे। 2॥
 
There has been a famous king named Ajmidh in Bharatvansh. Bharatshrestha! That king Ajmidh was the best among the yagya-performers and religious souls. 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)