Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.38.6: ब्राह्मण भी मुझसे पूरे विश्वास के साथ बात करते हैं और मेरा हालचाल पूछते हैं। मैं हमेशा सतर्क रहता हूँ, तब भी जब ब्राह्मण लापरवाह होते हैं। मैं तब भी जागता रहता हूँ जब वे सो रहे होते हैं। | mahabharat अध्याय 13.38: ब्राह्मणकी प्रशंसाके विषयमें इन्द्र और शम्बरासुरका संवाद । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ते विश्रब्धा: प्रभाषन्ते सम्पृच्छन्ते च मां सदा।
प्रमत्तेष्वप्रमत्तोऽस्मि सदा सुप्तेषु जागृमि॥ ६॥
अनुवाद
ब्राह्मण भी मुझसे पूरे विश्वास के साथ बात करते हैं और मेरा हालचाल पूछते हैं। मैं हमेशा सतर्क रहता हूँ, तब भी जब ब्राह्मण लापरवाह होते हैं। मैं तब भी जागता रहता हूँ जब वे सो रहे होते हैं।
Even the Brahmins talk to me with utmost confidence and ask about my well-being. I am always alert even when the Brahmins are careless. I remain awake even when they are asleep.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥