Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.28.77: जैसे पूर्ण चन्द्रमा को देखकर मनुष्यों की दृष्टि प्रसन्न हो जाती है, उसी प्रकार त्रिपथ गंगा को देखकर मनुष्यों के नेत्र आनन्द से खिल उठते हैं ॥77॥ | mahabharat अध्याय 13.28: श्रीगङ्गाजीके माहात्म्यका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे पूर्ण चन्द्रमा को देखकर मनुष्यों की दृष्टि प्रसन्न हो जाती है, उसी प्रकार त्रिपथ गंगा को देखकर मनुष्यों के नेत्र आनन्द से खिल उठते हैं ॥77॥
Just as the sight of humans becomes happy after seeing the full moon, in the same way the eyes of humans blossom with joy after seeing the Tripatha Ganga. 77॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥