Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.28.67: जो लोग सामर्थ्य होते हुए भी उस पवित्र जल वाली मंगलमयी गंगा का दर्शन नहीं करते, वे जन्म से अंधे, पंगु और मृत के समान हैं ॥67॥ | mahabharat अध्याय 13.28: श्रीगङ्गाजीके माहात्म्यका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जात्यन्धैरिह तुल्यास्ते मृतै: पङ्गुभिरेव च।
समर्था ये न पश्यन्ति गङ्गां पुण्यजलां शिवाम्॥ ६७॥
अनुवाद
जो लोग सामर्थ्य होते हुए भी उस पवित्र जल वाली मंगलमयी गंगा का दर्शन नहीं करते, वे जन्म से अंधे, पंगु और मृत के समान हैं ॥67॥
Those who, despite having the capability, do not visit the auspicious Ganga with its pure waters, are like those who are born blind, crippled and dead. ॥ 67॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥