Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.27.66: जो व्यक्ति सभी पवित्र स्थानों की यात्रा करना चाहता है, उसे मानसिक रूप से उन स्थानों की यात्रा करनी चाहिए, जहां वह शारीरिक रूप से नहीं जा सकता, क्योंकि वे कठिन और दुर्गम हैं। | mahabharat अध्याय 13.27: विभिन्न तीर्थोंके माहात्म्यका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो व्यक्ति सभी पवित्र स्थानों की यात्रा करना चाहता है, उसे मानसिक रूप से उन स्थानों की यात्रा करनी चाहिए, जहां वह शारीरिक रूप से नहीं जा सकता, क्योंकि वे कठिन और दुर्गम हैं।
He who desires to visit all the holy places should mentally visit those places where he cannot go physically because they are difficult and inaccessible.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥