Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.27.5: हे प्रभु! हे मुनि! तीर्थों के विषय में मेरे मन में कुछ धार्मिक शंकाएँ हैं। मैं उन सबका वर्णन सुनना चाहता हूँ। कृपया मुझे बताएँ ॥5॥   |   mahabharat अध्याय 13.27: विभिन्न तीर्थोंके माहात्म्यका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 27: विभिन्न तीर्थोंके माहात्म्यका वर्णन  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  13.27.5 
अस्ति मे भगवन् कश्चित्तीर्थेभ्यो धर्मसंशय:।
तत् सर्वं श्रोतुमिच्छामि तन्मे शंस महामुने॥ ५॥
 
 
अनुवाद
हे प्रभु! हे मुनि! तीर्थों के विषय में मेरे मन में कुछ धार्मिक शंकाएँ हैं। मैं उन सबका वर्णन सुनना चाहता हूँ। कृपया मुझे बताएँ ॥5॥
 
Lord! O great sage! I have some religious doubts regarding the pilgrimage sites. I want to hear all of them. Please tell me. ॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)