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mahabharat 13.27.44: करवीरपुर में स्नान करके, विशाला में तर्पण करके तथा देवह्रद में स्नान करके मनुष्य ब्रह्मा हो जाता है। 44.   |   mahabharat अध्याय 13.27: विभिन्न तीर्थोंके माहात्म्यका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.27.44 
करवीरपुरे स्नात्वा विशालायां कृतोदक:।
देवह्रद उपस्पृश्य ब्रह्मभूतो विराजते॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
करवीरपुर में स्नान करके, विशाला में तर्पण करके तथा देवह्रद में स्नान करके मनुष्य ब्रह्मा हो जाता है। 44.
 
By taking bath in Karvirpur, offering oblations in Vishala and taking bath in Devhrad, a man becomes Brahma. 44.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)