Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.27.24: जो मनुष्य कालिका आश्रम में स्नान करता है, विपश्यना नदी में अपने पितरों का तर्पण करता है, क्रोध पर विजय प्राप्त करता है तथा ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए तीन रातों तक वहां निवास करता है, वह जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त हो जाता है। | mahabharat अध्याय 13.27: विभिन्न तीर्थोंके माहात्म्यका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य कालिका आश्रम में स्नान करता है, विपश्यना नदी में अपने पितरों का तर्पण करता है, क्रोध पर विजय प्राप्त करता है तथा ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए तीन रातों तक वहां निवास करता है, वह जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त हो जाता है।
He who bathes in the Kalika Ashrama, performs oblations to his ancestors in the Vipasa River, conquers his anger, and stays there for three nights while observing celibacy, is released from the cycle of birth and death.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥