Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.25.99: जो दूसरों के लिए आश्रम, घर, उद्यान, कुएँ, बगीचे, सराय, तालाब और चारदीवारी बनाते हैं, वे स्वर्ग जाते हैं ॥99॥   |   mahabharat अध्याय 13.25: देवता और पितरोंके कार्यमें निमन्त्रण देने योग्य पात्रों तथा नरकगामी और स्वर्गगामी मनुष्योंके लक्षणोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 25: देवता और पितरोंके कार्यमें निमन्त्रण देने योग्य पात्रों तथा नरकगामी और स्वर्गगामी मनुष्योंके लक्षणोंका वर्णन  »  श्लोक 99
 
 
श्लोक  13.25.99 
विहारावसथोद्यानकूपारामसभाप्रपा:।
वप्राणां चैव कर्तारस्ते नरा: स्वर्गगामिन:॥ ९९॥
 
 
अनुवाद
जो दूसरों के लिए आश्रम, घर, उद्यान, कुएँ, बगीचे, सराय, तालाब और चारदीवारी बनाते हैं, वे स्वर्ग जाते हैं ॥99॥
 
Those who build ashrams, houses, parks, wells, gardens, inns, ponds and boundary walls for others go to heaven. ॥ 99॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)