Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.25.95: जो अपराधियों पर भी दया करते हैं, जो सौम्य स्वभाव के हैं, जो सौम्य स्वभाव वालों से प्रेम करते हैं और जो दूसरों की सेवा करने में सुख पाते हैं, वे स्वर्ग जाते हैं ॥95॥ | mahabharat अध्याय 13.25: देवता और पितरोंके कार्यमें निमन्त्रण देने योग्य पात्रों तथा नरकगामी और स्वर्गगामी मनुष्योंके लक्षणोंका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो अपराधियों पर भी दया करते हैं, जो सौम्य स्वभाव के हैं, जो सौम्य स्वभाव वालों से प्रेम करते हैं और जो दूसरों की सेवा करने में सुख पाते हैं, वे स्वर्ग जाते हैं ॥95॥
Those who are compassionate even towards criminals, who are of mild nature, who love people with mild nature and who find happiness in serving others, they go to heaven. ॥95॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥