Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.25.92: जो सब प्रकार की हिंसा से दूर रहते हैं, सब कुछ सहन करते हैं और सबको आश्रय देते हैं, वे लोग स्वर्ग जाते हैं ॥ 92॥   |   mahabharat अध्याय 13.25: देवता और पितरोंके कार्यमें निमन्त्रण देने योग्य पात्रों तथा नरकगामी और स्वर्गगामी मनुष्योंके लक्षणोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 25: देवता और पितरोंके कार्यमें निमन्त्रण देने योग्य पात्रों तथा नरकगामी और स्वर्गगामी मनुष्योंके लक्षणोंका वर्णन  »  श्लोक 92
 
 
श्लोक  13.25.92 
सर्वहिंसानिवृत्ताश्च नरा: सर्वसहाश्च ये।
सर्वस्याश्रयभूताश्च ते नरा: स्वर्गगामिन:॥ ९२॥
 
 
अनुवाद
जो सब प्रकार की हिंसा से दूर रहते हैं, सब कुछ सहन करते हैं और सबको आश्रय देते हैं, वे लोग स्वर्ग जाते हैं ॥ 92॥
 
Those who stay away from all types of violence, tolerate everything and give shelter to everyone, those people go to heaven. ॥ 92॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)