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mahabharat 13.25.64: जो लोग अनाथ, वृद्धा, युवती, कन्या, भयभीत स्त्रियों और तपस्विनी स्त्रियों को धोखा देते हैं, वे अवश्य ही नरक में जाते हैं।   |   mahabharat अध्याय 13.25: देवता और पितरोंके कार्यमें निमन्त्रण देने योग्य पात्रों तथा नरकगामी और स्वर्गगामी मनुष्योंके लक्षणोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 25: देवता और पितरोंके कार्यमें निमन्त्रण देने योग्य पात्रों तथा नरकगामी और स्वर्गगामी मनुष्योंके लक्षणोंका वर्णन  »  श्लोक 64
 
 
श्लोक  13.25.64 
अनाथां प्रमदां बालां वृद्धां भीतां तपस्विनीम्।
वञ्चयन्ति नरा ये च ते वै निरयगामिन:॥ ६४॥
 
 
अनुवाद
जो लोग अनाथ, वृद्धा, युवती, कन्या, भयभीत स्त्रियों और तपस्विनी स्त्रियों को धोखा देते हैं, वे अवश्य ही नरक में जाते हैं।
 
Those who deceive orphans, old women, young women, girls, frightened women and ascetic women, they certainly go to hell. 64.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)