Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.25.27: हे भारतभूषण! जो व्यक्ति प्रतिदिन तीन बार गायत्री मंत्र का जप करता है, भिक्षाटन करता है और कर्म में तत्पर रहता है, वह श्राद्ध में आमंत्रित होने का अधिकारी है। | mahabharat अध्याय 13.25: देवता और पितरोंके कार्यमें निमन्त्रण देने योग्य पात्रों तथा नरकगामी और स्वर्गगामी मनुष्योंके लक्षणोंका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे भारतभूषण! जो व्यक्ति प्रतिदिन तीन बार गायत्री मंत्र का जप करता है, भिक्षाटन करता है और कर्म में तत्पर रहता है, वह श्राद्ध में आमंत्रित होने का अधिकारी है।
O King of Bharatbhushan! He who chants the Gayatri Mantra three times a day, earns his living by begging and is devoted to action, is entitled to be invited to the Shraddha. 27.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥