Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.24.9: भीष्म बोले: जो ब्राह्मण कुलीन, परिश्रमी, वेदों के विद्वान, दयालु, विनयी, सरल और सत्यवादी हैं, जिनमें ये सात गुण (अज्ञात विद्वान, सगे-संबंधी और तपस्वी) हैं, वे श्रेष्ठतम माने गए हैं॥9॥ | mahabharat अध्याय 13.24: युधिष्ठिरके विविध धर्मयुक्त प्रश्नोंका उत्तर तथा श्राद्ध और दानके उत्तम पात्रोंका लक्षण । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म उवाच
कुलीन: कर्मकृद् वैद्यस्तथैवाप्यानृशंस्यवान्।
ह्रीमानृजु: सत्यवादी पात्रं पूर्वे च ये त्रय:॥ ९॥
अनुवाद
भीष्म बोले: जो ब्राह्मण कुलीन, परिश्रमी, वेदों के विद्वान, दयालु, विनयी, सरल और सत्यवादी हैं, जिनमें ये सात गुण (अज्ञात विद्वान, सगे-संबंधी और तपस्वी) हैं, वे श्रेष्ठतम माने गए हैं॥9॥
Bhishma said: Those Brahmins who are of noble family, hard-working, scholar of the Vedas, kind, modest, simple and truthful, who have these seven qualities (the unknown scholar, the relative and the ascetic) are considered to be the best candidates.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥