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mahabharat 13.24.19: भीष्मजी बोले - राजेन्द्र! अहिंसा, सत्य, अक्रोध, मृदुता, इन्द्रिय संयम और सरलता - ये धर्म के निश्चित लक्षण हैं ॥19॥   |   mahabharat अध्याय 13.24: युधिष्ठिरके विविध धर्मयुक्त प्रश्नोंका उत्तर तथा श्राद्ध और दानके उत्तम पात्रोंका लक्षण   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 24: युधिष्ठिरके विविध धर्मयुक्त प्रश्नोंका उत्तर तथा श्राद्ध और दानके उत्तम पात्रोंका लक्षण  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  13.24.19 
भीष्म उवाच
अहिंसा सत्यमक्रोध आनृशंस्यं दमस्तथा।
आर्जवं चैव राजेन्द्र निश्चितं धर्मलक्षणम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
भीष्मजी बोले - राजेन्द्र! अहिंसा, सत्य, अक्रोध, मृदुता, इन्द्रिय संयम और सरलता - ये धर्म के निश्चित लक्षण हैं ॥19॥
 
Bhishmaji said – Rajendra! Non-violence, truth, anger, tenderness, control of senses and simplicity – these are the definite characteristics of religion. 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)