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भीष्म उवाच
अष्टावक्रोऽन्वपृच्छत् तां रूपं विकुरुषे कथम्।
न चानृतं ते वक्तव्यं ब्रूहि ब्राह्मणकाम्यया॥ २॥
अनुवाद
भीष्म बोले, "हे राजन! सुनिए, अष्टावक्र ने उस स्त्री से पूछा, 'तुम अपना रूप क्यों बदलती रहती हो? बताओ, यदि तुम मुझ जैसे ब्राह्मण से सम्मान पाना चाहती हो, तो झूठ मत बोलो।'
Bhishma said, "O King! Listen, Ashtavakra asked that woman, 'Why do you keep changing your appearance? Tell me, if you want to get respect from a Brahmin like me, then do not lie.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥