श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 2: प्रजापति मनुके वंशका वर्णन, अग्निपुत्र सुदर्शनका अतिथिसत्काररूपी धर्मके पालनसे मृत्युपर विजय पाना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  13.2.3 
केन मृत्युर्गृहस्थेन धर्ममाश्रित्य निर्जित:।
इत्येतत् सर्वमाचक्ष्व तत्त्वेनापि च पार्थिव॥ ३॥
 
 
अनुवाद
राजन! किस गृहस्थ ने केवल धर्म का पालन करके मृत्यु को जीत लिया है? कृपया ये सब बातें विस्तारपूर्वक मुझसे कहिए।॥3॥
 
King! Which householder has conquered death by merely following Dharma? Please tell me all these things in detail. ॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)