हे मनुष्यों के स्वामी! श्रीकृष्ण सहित सभी राजाओं ने गंगाजी का स्वागत किया और उनकी अनुमति लेकर वहाँ से लौट गए।
O Lord of men! All the kings including Shri Krishna welcomed Gangaji and after taking her permission returned from there. 37.
इति श्रीमहाभारते शतसाहस्रॺां संहितायां वैयासिक्यामनुशासनपर्वणि भीष्मस्वर्गारोहणपर्वणि दानधर्मे भीष्मयुधिष्ठिरसंवादे भीष्ममुक्तिर्नामाष्टषष्टॺधिक शततमोऽध्याय:॥ १६८॥
इस प्रकार व्यासनिर्मित श्रीमहाभारत शतसाहस्री संहितामें अनुशासनपर्वके अन्तर्गत भीष्मस्वर्गारोहणपर्वमें दानधर्म तथा भीष्म-युधिष्ठिरसंवादके प्रसंगमें भीष्मजीकी मुक्ति नामक एक सौ अड़सठवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १६८॥
॥ अनुशासनपर्व सम्पूर्णम् ॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥