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mahabharat 13.189.14-15h: माद्रीपुत्र नकुल और सहदेव ने हाथ में पगड़ी लेकर भीष्म के सिर पर रख दी। कौरवराज के महल की स्त्रियाँ ताड़ के पंखे हाथ में लेकर कुरुवंश के अधिपति भीष्म के शव को चारों ओर से हवा करने लगीं।   |   mahabharat अध्याय 13.189: भीष्मजीका प्राणत्याग, धृतराष्ट्र आदिके द्वारा उनका दाह-संस्कार, कौरवोंका गंगाके जलसे भीष्मको जलांजलि देना, गंगाजीका प्रकट होकर पुत्रके लिये शोक करना और श्रीकृष्णका उन्हें समझाना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 189: भीष्मजीका प्राणत्याग, धृतराष्ट्र आदिके द्वारा उनका दाह-संस्कार, कौरवोंका गंगाके जलसे भीष्मको जलांजलि देना, गंगाजीका प्रकट होकर पुत्रके लिये शोक करना और श्रीकृष्णका उन्हें समझाना  »  श्लोक 14-15h
 
 
श्लोक  13.189.14-15h 
उष्णीषे परिगृह्णीतां माद्रीपुत्रावुभौ तथा।
स्त्रिय: कौरवनाथस्य भीष्मं कुरुकुलोद्वहम्॥ १४॥
तालवृन्तान्युपादाय पर्यवीजन्त सर्वश:।
 
 
अनुवाद
माद्रीपुत्र नकुल और सहदेव ने हाथ में पगड़ी लेकर भीष्म के सिर पर रख दी। कौरवराज के महल की स्त्रियाँ ताड़ के पंखे हाथ में लेकर कुरुवंश के अधिपति भीष्म के शव को चारों ओर से हवा करने लगीं।
 
Madri's son Nakula and Sahadeva took the turban in their hands and placed it on Bhishma's head. The women of the Kaurava king's palace took palm fans in their hands and started fanning the corpse of the Kuru clan's leader Bhishma from all sides. 14 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)