Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.188.37: भीष्मजी बोले—हे प्रभु! हे देवताओं और दानवों के स्वामी, सभी लोग आपके चरणों में सिर झुकाते हैं। हे भगवान नारायण, जो अपने तीन चरणों से तीनों लोकों को नापते हैं और जो शंख, चक्र और गदा धारण करते हैं, मैं आपको नमस्कार करता हूँ। | mahabharat अध्याय 13.188: भीष्मके अन्त्येष्टि-संस्कारकी सामग्री लेकर युधिष्ठिर आदिका उनके पास जाना और भीष्मका श्रीकृष्ण आदिसे देहत्यागकी अनुमति लेते हुए धृतराष्ट्र और युधिष्ठिरको कर्तव्यका उपदेश देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्मजी बोले—हे प्रभु! हे देवताओं और दानवों के स्वामी, सभी लोग आपके चरणों में सिर झुकाते हैं। हे भगवान नारायण, जो अपने तीन चरणों से तीनों लोकों को नापते हैं और जो शंख, चक्र और गदा धारण करते हैं, मैं आपको नमस्कार करता हूँ।
Bhishmaji said—O Lord! O Lord of all the Gods and Demons, all bow their heads in front of your feet. O Lord Narayana, who measures the three worlds with his three steps and who holds the conch, discus and mace, I salute you.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥