Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.188.22: पुरुषसिंह! युद्ध में बचे हुए सभी राजा और कुरुजांगल देश के लोग भी उपस्थित हैं। अपनी आँखें खोलकर उन सबको देखो॥ 22॥   |   mahabharat अध्याय 13.188: भीष्मके अन्त्येष्टि-संस्कारकी सामग्री लेकर युधिष्ठिर आदिका उनके पास जाना और भीष्मका श्रीकृष्ण आदिसे देहत्यागकी अनुमति लेते हुए धृतराष्ट्र और युधिष्ठिरको कर्तव्यका उपदेश देना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 188: भीष्मके अन्त्येष्टि-संस्कारकी सामग्री लेकर युधिष्ठिर आदिका उनके पास जाना और भीष्मका श्रीकृष्ण आदिसे देहत्यागकी अनुमति लेते हुए धृतराष्ट्र और युधिष्ठिरको कर्तव्यका उपदेश देना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  13.188.22 
हतशिष्टाश्च राजान: सर्वे च कुरुजांगला:।
तान् पश्य नरशार्दूल समुन्मीलय लोचने॥ २२॥
 
 
अनुवाद
पुरुषसिंह! युद्ध में बचे हुए सभी राजा और कुरुजांगल देश के लोग भी उपस्थित हैं। अपनी आँखें खोलकर उन सबको देखो॥ 22॥
 
Purushasingh! All the kings who survived the war and the people of Kurujangal country are also present. Open your eyes and see them all.॥ 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)