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mahabharat 13.188.20: राजन! हे प्रभु! मैं आपके अग्नि, गुरुजनों, ब्राह्मणों और पुरोहितों को साथ लेकर अपने भाइयों के साथ समय पर आ पहुँचा हूँ।   |   mahabharat अध्याय 13.188: भीष्मके अन्त्येष्टि-संस्कारकी सामग्री लेकर युधिष्ठिर आदिका उनके पास जाना और भीष्मका श्रीकृष्ण आदिसे देहत्यागकी अनुमति लेते हुए धृतराष्ट्र और युधिष्ठिरको कर्तव्यका उपदेश देना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 188: भीष्मके अन्त्येष्टि-संस्कारकी सामग्री लेकर युधिष्ठिर आदिका उनके पास जाना और भीष्मका श्रीकृष्ण आदिसे देहत्यागकी अनुमति लेते हुए धृतराष्ट्र और युधिष्ठिरको कर्तव्यका उपदेश देना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  13.188.20 
प्राप्तोऽस्मि समये राजन्नग्नीनादाय ते विभो।
आचार्यान् ब्राह्मणांश्चैव ऋत्विजो भ्रातरश्च मे॥ २०॥
 
 
अनुवाद
राजन! हे प्रभु! मैं आपके अग्नि, गुरुजनों, ब्राह्मणों और पुरोहितों को साथ लेकर अपने भाइयों के साथ समय पर आ पहुँचा हूँ।
 
King! O Lord! Taking along your fires and teachers, Brahmins and priests, I have arrived with my brothers on time.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)