Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.188.2: तत्पश्चात् पाण्डुपुत्र राजा युधिष्ठिर ने युद्ध में मारे गए अपने पतियों और वीर पुत्रों वाली स्त्रियों को बहुत-सा धन देकर सान्त्वना दी॥ 2॥ | mahabharat अध्याय 13.188: भीष्मके अन्त्येष्टि-संस्कारकी सामग्री लेकर युधिष्ठिर आदिका उनके पास जाना और भीष्मका श्रीकृष्ण आदिसे देहत्यागकी अनुमति लेते हुए धृतराष्ट्र और युधिष्ठिरको कर्तव्यका उपदेश देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सान्त्वयामास नारीश्च हतवीरा हतेश्वरा:।
विपुलैरर्थदानै: स तदा पाण्डुसुतो नृप:॥ २॥
अनुवाद
तत्पश्चात् पाण्डुपुत्र राजा युधिष्ठिर ने युद्ध में मारे गए अपने पतियों और वीर पुत्रों वाली स्त्रियों को बहुत-सा धन देकर सान्त्वना दी॥ 2॥
Thereafter, King Yudhishthira, son of Pandu, consoled the women whose husbands and brave sons had been killed in the war by giving them a lot of wealth.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥