Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.188.1: वैशम्पायनजी कहते हैं - हे राजन! हस्तिनापुर पहुँचकर कुन्तीपुत्र राजा युधिष्ठिर ने नगर और जनपद के लोगों का यथोचित सत्कार किया और उन्हें अपने-अपने घर जाने का आदेश दिया॥1॥ | mahabharat अध्याय 13.188: भीष्मके अन्त्येष्टि-संस्कारकी सामग्री लेकर युधिष्ठिर आदिका उनके पास जाना और भीष्मका श्रीकृष्ण आदिसे देहत्यागकी अनुमति लेते हुए धृतराष्ट्र और युधिष्ठिरको कर्तव्यका उपदेश देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायनजी कहते हैं - हे राजन! हस्तिनापुर पहुँचकर कुन्तीपुत्र राजा युधिष्ठिर ने नगर और जनपद के लोगों का यथोचित सत्कार किया और उन्हें अपने-अपने घर जाने का आदेश दिया॥1॥
Vaishmpayana says - O King! After reaching Hastinapur, Kunti's son King Yudhishthira honoured the people of the city and the district appropriately and ordered them to go to their respective homes. ॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥