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mahabharat 13.184.2: जब तक धन प्राप्ति का समय नहीं आता, तब तक विशेष प्रयत्न करने पर भी कुछ प्राप्त नहीं होता; किन्तु जब लाभ का समय आता है, तब मनुष्य बिना प्रयत्न किए ही बहुत-सा धन प्राप्त कर लेता है॥ 2॥   |   mahabharat अध्याय 13.184: युधिष्ठिरका विद्या, बल और बुद्धिकी अपेक्षा भाग्यकी प्रधानता बताना और भीष्मजीद्वारा उसका उत्तर   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.184.2 
नालाभकाले लभते प्रयत्नेऽपि कृते सति।
लाभकालेऽप्रयत्नेन लभते विपुलं धनम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
जब तक धन प्राप्ति का समय नहीं आता, तब तक विशेष प्रयत्न करने पर भी कुछ प्राप्त नहीं होता; किन्तु जब लाभ का समय आता है, तब मनुष्य बिना प्रयत्न किए ही बहुत-सा धन प्राप्त कर लेता है॥ 2॥
 
Until the time of acquiring wealth does not arrive, even after making special efforts nothing is achieved; but when the time of gain comes a man obtains a great deal of wealth even without making any efforts.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)