Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.182.5-6: महादेवजी के शरीर का आधा भाग अग्नि और आधा भाग सोम कहलाता है। उनका शिव रूप ब्रह्मचर्य का पालन करता है और सबसे भयानक रूप संसार का संहार करता है। उनकी महानता और दिव्यता के कारण उन्हें 'महेश्वर' कहा जाता है। | mahabharat अध्याय 13.182: भगवान् शङ्करके माहात्म्यका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महादेवजी के शरीर का आधा भाग अग्नि और आधा भाग सोम कहलाता है। उनका शिव रूप ब्रह्मचर्य का पालन करता है और सबसे भयानक रूप संसार का संहार करता है। उनकी महानता और दिव्यता के कारण उन्हें 'महेश्वर' कहा जाता है।
Half of Mahadevji's body is called Agni and the other half is called Som. His Shiva form follows celibacy and the most terrifying form destroys the world. Due to his greatness and divinity, he is called 'Maheshwar'.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥