Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.182.27-28h: कहा जाता है कि इंद्र आदि देवताओं के पास उनकी दी हुई संपत्ति है। वे तीनों लोकों के शुभ-अशुभ कर्मों का फल देने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। | mahabharat अध्याय 13.182: भगवान् शङ्करके माहात्म्यका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शक्रादिषु च देवेषु तस्यैश्वर्यमिहोच्यते॥ २७॥
स एव व्यापृतो नित्यं त्रैैलोक्यस्य शुभाशुभे।
अनुवाद
कहा जाता है कि इंद्र आदि देवताओं के पास उनकी दी हुई संपत्ति है। वे तीनों लोकों के शुभ-अशुभ कर्मों का फल देने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।
It is said that the gods like Indra etc. have the wealth bestowed by him. He is always ready to give the results of the good and bad deeds of the three worlds. 27 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥