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mahabharat 13.180.25: थोड़ा सा खीर खाते ही उन्होंने तुरन्त मुझसे कहा, "कृष्ण! इस खीर को शीघ्रता से अपने शरीर के सभी अंगों पर लगाओ।" 25.   |   mahabharat अध्याय 13.180: श्रीकृष्णका प्रद्युम्नको ब्राह्मणोंकी महिमा बताते हुए दुर्वासाके चरित्रका वर्णन करना और यह सारा प्रसंग युधिष्ठिरको सुनाना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.180.25 
तं भुक्त्वैव स तु क्षिप्रं ततो वचनमब्रवीत्।
क्षिप्रमङ्गानि लिम्पस्व पायसेनेति स स्म ह॥ २५॥
 
 
अनुवाद
थोड़ा सा खीर खाते ही उन्होंने तुरन्त मुझसे कहा, "कृष्ण! इस खीर को शीघ्रता से अपने शरीर के सभी अंगों पर लगाओ।" 25.
 
After eating just a little of it, He immediately said to me, "Krishna! Quickly apply this kheer on all your body parts." 25.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)