श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 18: शिवसहस्रनामस्तोत्र और उसके पाठका फल  »  श्लोक 126
 
 
श्लोक  13.18.126 
युगरूपो महारूपो महानागहनोऽवध:।
न्यायनिर्वपण: पाद: पण्डितो ह्यचलोपम:॥ १२६॥
 
 
अनुवाद
795 अचलोपम्—पर्वत के समान चिकना । 126॥
 
795 Achalopam:—Smooth like a mountain. 126॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)