Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.18.111: 676 सिद्धार्थकारी - अपने आश्रितों की इच्छाओं को सफल करने वाला, 677 सिद्धार्थ - वेदों की व्याख्या द्वारा निर्धारित उत्कृष्ट सिद्धांत, 678 सिंहनाद - सिंह के समान दहाड़ने वाला, 679 सिंहदंष्ट्र - सिंह के समान दाढ़ वाला, 680 सिंहग - सिंह पर सवार होकर चलने वाला, 681 सिंहवाहन - सिंह पर सवार होने वाला। | mahabharat अध्याय 13.18: शिवसहस्रनामस्तोत्र और उसके पाठका फल । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
676 सिद्धार्थकारी - अपने आश्रितों की इच्छाओं को सफल करने वाला, 677 सिद्धार्थ - वेदों की व्याख्या द्वारा निर्धारित उत्कृष्ट सिद्धांत, 678 सिंहनाद - सिंह के समान दहाड़ने वाला, 679 सिंहदंष्ट्र - सिंह के समान दाढ़ वाला, 680 सिंहग - सिंह पर सवार होकर चलने वाला, 681 सिंहवाहन - सिंह पर सवार होने वाला।
676 Siddhārthakarī - one who makes the wishes of his dependents successful, 677 Siddhārtha - the excellent principle determined by the interpretation of the Vedas, 678 Singhānad - one who roars like a lion, 679 Singhadānshtra - having molars like a lion, 680 Singhag - one who moves while riding on a lion, 681 Singhavāhan - one who rides on a lion. 111.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥