Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.18.104: 615 धन्वंतरि:—महावैद्य धन्वंतरि रूप, 616 धूमकेतु:—अग्निस्वरूप, 617 स्कंद:—स्वामी कार्तिकेय रूप, 618 वैश्रवण:—कुबेरस्वरूपा, 619 धाता:—सबको धारण करने वाला, 620 शक्र:—इंद्रस्वरूप, 621 विष्णु:—सर्वव्यापी नारायणदेव, 622 मित्र:—बारह आदित्यों में से एक, 623 त्वष्टा—प्रजापति विश्वकर्मा, 624 ध्रुव:—नित्यस्वरूप, 625 धार:—धरस्वरुप आठ वसुओं में से एक। | mahabharat अध्याय 13.18: शिवसहस्रनामस्तोत्र और उसके पाठका फल । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
615 धन्वंतरि:—महावैद्य धन्वंतरि रूप, 616 धूमकेतु:—अग्निस्वरूप, 617 स्कंद:—स्वामी कार्तिकेय रूप, 618 वैश्रवण:—कुबेरस्वरूपा, 619 धाता:—सबको धारण करने वाला, 620 शक्र:—इंद्रस्वरूप, 621 विष्णु:—सर्वव्यापी नारायणदेव, 622 मित्र:—बारह आदित्यों में से एक, 623 त्वष्टा—प्रजापति विश्वकर्मा, 624 ध्रुव:—नित्यस्वरूप, 625 धार:—धरस्वरुप आठ वसुओं में से एक।
615 Dhanvantari:—Mahavaidya Dhanvantari form, 616 Dhumketu:—Agnisvarupa, 617 Skanda:—Swami Kartikeya form, 618 Vaishravana:—Kuberasvarupa, 619 Dhata—one who holds all, 620 Shakra:—Indrasvarupa, 621 Vishnu:—Omnipresent Narayanadev, 622 Mitra:—One of the twelve Adityas, 623 Tvashta—Prajapati Vishwakarma, 624 Dhruva:—Nityasvarupa, 625 Dhar:—One of the eight Vasus in the form of Dharasvarup.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥