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mahabharat 13.179.18: व्रज की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत उठाते समय इन्द्र आदि देवताओं ने उनकी स्तुति की थी। भरतनन्दन! ये श्रीकृष्ण ही समस्त प्राणियों के अधिपति हैं। इन्हें नाना प्रकार के भोजन अर्पित किए जाते हैं। ये युद्ध में विजय दिलाने वाले माने गए हैं। 18॥   |   mahabharat अध्याय 13.179: भीष्मजीके द्वारा भगवान‍् श्रीकृष्णकी महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 179: भीष्मजीके द्वारा भगवान‍् श्रीकृष्णकी महिमाका वर्णन  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  13.179.18 
तं घोषार्थे गीर्भिरिन्द्रा: स्तुवन्ति
स चापीशो भारतैक: पशूनाम्।
तस्य भक्षान् विविधान् वेदयन्ति
तमेवाजौ वाहनं वेदयन्ति॥ १८॥
 
 
अनुवाद
व्रज की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत उठाते समय इन्द्र आदि देवताओं ने उनकी स्तुति की थी। भरतनन्दन! ये श्रीकृष्ण ही समस्त प्राणियों के अधिपति हैं। इन्हें नाना प्रकार के भोजन अर्पित किए जाते हैं। ये युद्ध में विजय दिलाने वाले माने गए हैं। 18॥
 
At the time of lifting Govardhan mountain to protect Vraj, gods like Indra had praised him. Bharatnandan! This only Shri Krishna is the ruler of all animals (creatures). Various types of food are offered to them. These are considered the ones who bring victory in war. 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)