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mahabharat 13.172.20: बिना शिक्षा के ब्राह्मण भी देवता तुल्य और परम पवित्र माना जाता है। फिर विद्वान व्यक्ति की तो बात ही क्या? वह तो महान देवता के समान है और पूर्ण सागर के समान गुणों से परिपूर्ण है।   |   mahabharat अध्याय 13.172: ब्राह्मणोंकी महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.172.20 
अविद्वान् ब्राह्मणो देव: पात्रं वै पावनं महत्।
विद्वान् भूयस्तरो देव: पूर्णसागरसंनिभ:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
बिना शिक्षा के ब्राह्मण भी देवता तुल्य और परम पवित्र माना जाता है। फिर विद्वान व्यक्ति की तो बात ही क्या? वह तो महान देवता के समान है और पूर्ण सागर के समान गुणों से परिपूर्ण है।
 
Even a Brahmin without education is considered to be equal to a deity and the most pious. Then what can be said about a learned person. He is like a great deity and is full of virtues like the full ocean.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)