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mahabharat 13.172.12: ब्राह्मण आदि, मध्य और अन्त को जानने वाला, संशय से रहित, भूत और भविष्य का विशेष ज्ञान रखने वाला तथा परम मोक्ष को जानने वाला और प्राप्त करने वाला है ॥12॥   |   mahabharat अध्याय 13.172: ब्राह्मणोंकी महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.172.12 
आदिमध्यावसानानां ज्ञातारश्छिन्नसंशया:।
परावरविशेषज्ञा गन्तार: परमां गतिम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
ब्राह्मण आदि, मध्य और अन्त को जानने वाला, संशय से रहित, भूत और भविष्य का विशेष ज्ञान रखने वाला तथा परम मोक्ष को जानने वाला और प्राप्त करने वाला है ॥12॥
 
The Brahmin is the knower of the beginning, the middle and the end, is free from doubts, has special knowledge of the past and the future and knows and attains the ultimate salvation. ॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)