गुह्यानीमानि नामानि तण्डिर्भगवतोऽच्युत।
देवप्रसादाद् देवेश: पुरा प्राह महात्मने॥ ७६॥
अनुवाद
अच्युत! पहले महादेवजी की कृपा से देवेश्वर ब्रह्माजी ने महात्मा तण्डि को भगवान महादेव के वे सभी गोपनीय नाम सुनाये थे, जो महर्षि तण्डि ने मुझसे सुनाये थे॥76॥
Achyut! Earlier, by the grace of Mahadevji, Deveshwar Brahmaji had narrated to Mahatma Tandi all those confidential names of Lord Mahadev, which Maharishi Tandi had narrated to me. 76॥
इति श्रीमहाभारते अनुशासनपर्वणि दानधर्मपर्वणि मेघवाहनपर्वाख्याने षोडशोऽध्याय:॥ १६॥
इसप्रकार श्रीमहाभारत अनुशासनपर्वके अन्तर्गत दान - धर्म - पर्वमें मेघवाहनपर्वकी कथाविषयक सोलहवाँ अध्याय पूरा हुआ ॥ १६ ॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥