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श्लोक 13.17.76  |
गुह्यानीमानि नामानि तण्डिर्भगवतोऽच्युत।
देवप्रसादाद् देवेश: पुरा प्राह महात्मने॥ ७६॥ |
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| अनुवाद |
| अच्युत! पहले महादेवजी की कृपा से देवेश्वर ब्रह्माजी ने महात्मा तण्डि को भगवान महादेव के वे सभी गोपनीय नाम सुनाये थे, जो महर्षि तण्डि ने मुझसे सुनाये थे॥76॥ |
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| Achyut! Earlier, by the grace of Mahadevji, Deveshwar Brahmaji had narrated to Mahatma Tandi all those confidential names of Lord Mahadev, which Maharishi Tandi had narrated to me. 76॥ |
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इति श्रीमहाभारते अनुशासनपर्वणि दानधर्मपर्वणि मेघवाहनपर्वाख्याने षोडशोऽध्याय:॥ १६॥
इसप्रकार श्रीमहाभारत अनुशासनपर्वके अन्तर्गत दान - धर्म - पर्वमें मेघवाहनपर्वकी कथाविषयक सोलहवाँ अध्याय पूरा हुआ ॥ १६ ॥
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