श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 17: उपमन्यु-श्रीकृष्ण-संवाद—महात्मा तण्डिद्वारा की गयी महादेवजीकी स्तुति, प्रार्थना और उसका फल  »  श्लोक 67
 
 
श्लोक  13.17.67 
उपमन्युरुवाच
एवं स्तुतो महादेवस्तण्डिना ब्रह्मवादिना।
उवाच भगवान‍् देव उमया सहित: प्रभु:॥ ६७॥
 
 
अनुवाद
उपमन्यु कहते हैं - इस प्रकार ब्रह्मवादी तन्धि की स्तुति करने पर पार्वती सहित शक्तिशाली भगवान महादेव ने उनसे कहा - ॥67॥
 
Upamanyu says - On praising Brahmavadi Tandhi in this way, the powerful Lord Mahadev along with Parvati said to him - ॥ 67॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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