| श्री महाभारत » पर्व 13: अनुशासन पर्व » अध्याय 17: उपमन्यु-श्रीकृष्ण-संवाद—महात्मा तण्डिद्वारा की गयी महादेवजीकी स्तुति, प्रार्थना और उसका फल » श्लोक 22 |
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| | | | श्लोक 13.17.22  | ब्रह्मा भवश्च विष्णुश्च स्कन्देन्द्रौ सविता यम:।
वरुणेन्दू मनुर्धाता विधाता त्वं धनेश्वर:॥ २२॥ | | | | | | अनुवाद | | आप ब्रह्मा, विष्णु, शिव, स्कंद, इंद्र, सूर्य, यम, वरुण, चंद्रमा, मनु, धाता, विधाता और कोषाध्यक्ष कुबेर भी हैं। | | | | You are also Brahma, Vishnu, Shiva, Skanda, Indra, Surya, Yama, Varuna, Chandrama, Manu, Dhata, Vidhata and the treasurer Kubera. | | ✨ ai-generated | | |
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