श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 17: उपमन्यु-श्रीकृष्ण-संवाद—महात्मा तण्डिद्वारा की गयी महादेवजीकी स्तुति, प्रार्थना और उसका फल  »  श्लोक 12-13h
 
 
श्लोक  13.17.12-13h 
तण्डिरुवाच
पवित्राणां पवित्रस्त्वं गतिर्गतिमतां वर॥ १२॥
अत्युग्रं तेजसां तेजस्तपसां परमं तप:।
 
 
अनुवाद
तण्डि बोले - हे देवों में श्रेष्ठ! आप पवित्रों में भी पवित्र और चराचर प्राणियों में श्रेष्ठ हैं। आप तेजों में भी उग्र और तपस्वियों में भी श्रेष्ठ तपस्वी हैं।
 
Tandi said - The best of all Gods! You are the most pure among the pure and the best among the moving beings. You are the most fierce among the effulgence and the best penance among the penances. 12 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)