Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.168.43-45: उन सर्वव्यापी भगवान की पूजा करने से परम धर्म की सिद्धि होगी। वे महान् तेजस्वी भगवान हैं। उन नरसिंह श्रीकृष्ण ने लोकहित की इच्छा से धर्म का अनुष्ठान करने के लिए करोड़ों ऋषियों को उत्पन्न किया है। भगवान द्वारा उत्पन्न वे सनत्कुमार आदि ऋषिगण गंधमादन पर्वत पर सदैव तपस्या में लगे रहते हैं। अतः द्विजवरो! उन वाक्पटु एवं धार्मिक वासुदेव को सदैव नमस्कार करना चाहिए। 43-45॥ | mahabharat अध्याय 13.168: वंशपरम्पराका कथन और भगवान् श्रीकृष्णके माहात्म्यका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धर्म एव परो हि स्यात् तस्मिन्नभ्यर्चिते विभौ।
स हि देवो महातेजा: प्रजाहितचिकीर्षया॥ ४३॥
धर्मार्थं पुरुषव्याघ्र ऋषिकोटी: ससर्ज ह।
ता: सृष्टास्तेन विभुना पर्वते गन्धमादने॥ ४४॥
सनत्कुमारप्रमुखास्तिष्ठन्ति तपसान्विता:।
तस्मात् स वाग्मी धर्मज्ञो नमस्यो द्विजपुङ्गवा:॥ ४५॥
अनुवाद
उन सर्वव्यापी भगवान की पूजा करने से परम धर्म की सिद्धि होगी। वे महान् तेजस्वी भगवान हैं। उन नरसिंह श्रीकृष्ण ने लोकहित की इच्छा से धर्म का अनुष्ठान करने के लिए करोड़ों ऋषियों को उत्पन्न किया है। भगवान द्वारा उत्पन्न वे सनत्कुमार आदि ऋषिगण गंधमादन पर्वत पर सदैव तपस्या में लगे रहते हैं। अतः द्विजवरो! उन वाक्पटु एवं धार्मिक वासुदेव को सदैव नमस्कार करना चाहिए। 43-45॥
By worshiping that omnipresent God, the supreme religion will be accomplished. He is a great and brilliant God. That male lion Shri Krishna has created crores of sages to perform the rituals of religion with the desire to benefit the people. Those Sanatkumars and other sages born by God are always engaged in penance on Gandhamadan mountain. So Dwijvaro! One should always pay obeisance to that eloquent and religious Vasudev. 43-45॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥