श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 168: वंशपरम्पराका कथन और भगवान‍् श्रीकृष्णके माहात्म्यका वर्णन  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  13.168.3 
दशबाहुर्महातेजा देवतारिनिषूदन:।
श्रीवत्साङ्को हृषीकेश: सर्वदैवतपूजित:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
वे दस भुजाओं वाले और अत्यंत तेजस्वी हैं। देवताओं के शत्रुओं का नाश करने वाले, श्रीवत्स से सुशोभित भगवान हृषिकेश समस्त देवताओं द्वारा पूजित हैं।॥3॥
 
He has ten arms and is extremely illustrious. The destroyer of enemies of the gods, Lord Hrishikesh, adorned with Shrivatsa, is worshipped by all the gods. ॥ 3॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd