श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 168: वंशपरम्पराका कथन और भगवान‍् श्रीकृष्णके माहात्म्यका वर्णन  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  13.168.28 
यदुस्तस्मान्महासत्त्व: क्रोष्टा तस्माद् भविष्यति।
क्रोष्टुश्चैव महान् पुत्रो वृजिनीवान् भविष्यति॥ २८॥
 
 
अनुवाद
यदु, ययाति से भी अधिक बलवान होगा। यदु से क्रोष्टा उत्पन्न होगा, क्रोष्टा से वृजनीवि नामक महान पुत्र उत्पन्न होगा। 28॥
 
Yadu will be more powerful than Yayati. From Yadu, Kroshta will be born, from Kroshta a great son, Vrijnivi, will be born. 28॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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