श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 168: वंशपरम्पराका कथन और भगवान‍् श्रीकृष्णके माहात्म्यका वर्णन  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  13.168.2 
ईश्वर उवाच
पितामहादपि वर: शाश्वत: पुरुषो हरि:।
कृष्णो जाम्बूनदाभासो व्यभ्रे सूर्य इवोदित:॥ २॥
 
 
अनुवाद
महेश्वर बोले- ॠषियों! भगवान सनातन पुरुष श्रीकृष्ण ब्रह्माजी से भी श्रेष्ठ हैं। उनका नाम श्रीहरि जम्बुनद है और वे स्वर्ण के समान श्याम वर्ण के हैं। वे मेघरहित आकाश में उदित होते हुए सूर्य के समान तेजस्वी हैं।
 
Maheshwar said-Sages! Lord Sanatan Purusha Shri Krishna is even superior to Brahmaji. He is named Sri Hari Jambunad and has black radiance similar to gold. He is as bright as the sun rising in the cloudless sky. 2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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