श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 168: वंशपरम्पराका कथन और भगवान‍् श्रीकृष्णके माहात्म्यका वर्णन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  13.168.14 
सर्वा: सुखं संश्रिताश्च शरीरे तस्य देवता:।
स देव: पुण्डरीकाक्ष: श्रीगर्भ: श्रीसहोषित:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
उनके स्वरूप में सभी देवता सुखपूर्वक निवास करते हैं। कमल-नेत्र श्रीहरि लक्ष्मी को अपने गर्भ (वक्षस्थल) में स्थान देते हैं। वे लक्ष्मी के साथ रहते हैं॥14॥
 
All the gods reside happily in his form. The lotus-eyed Shri Hari gives Lakshmi a place in his womb (chest). He lives with Lakshmi. ॥14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)