Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.167.55: पति ही स्त्रियों का देवता है, पति ही उनका मित्र है और पति ही उनकी गति है। स्त्री के लिए पति के समान न तो कोई सहारा है और न ही कोई दूसरा देवता है। 55॥ | mahabharat अध्याय 13.167: पार्वतीजीके द्वारा स्त्री-धर्मका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पति ही स्त्रियों का देवता है, पति ही उनका मित्र है और पति ही उनकी गति है। स्त्री के लिए पति के समान न तो कोई सहारा है और न ही कोई दूसरा देवता है। 55॥
Husband is the god of women, husband is their friend and husband is their speed. For a woman, there is no other support like her husband and no other god. 55॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥