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mahabharat 13.164.d32: सौंदर्य, पवित्रता, नेत्र और प्रकाश तेजस के चार गुण हैं। रस, स्नेह, जिह्वा और शीतलता जल के चार गुण हैं।   |   mahabharat अध्याय 13.164: सांख्यज्ञानका प्रतिपादन करते हुए अव्यक्तादि चौबीस तत्त्वोंकी उत्पत्ति आदिका वर्णन]   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.164.d32 
रूपं पाकोऽक्षिणी ज्योतिश्चत्वारस्तेजसो गुणा:।
रस: स्नेहस्तथा जिह्वा शैत्यं च जलजा गुणा:॥
 
 
अनुवाद
सौंदर्य, पवित्रता, नेत्र और प्रकाश तेजस के चार गुण हैं। रस, स्नेह, जिह्वा और शीतलता जल के चार गुण हैं।
 
Beauty, purity, eyes and light are the four qualities of Tejas. Juice, affection, tongue and coolness are the four qualities of water.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)