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mahabharat 13.163.d9: विद्वान् पुरुष मोक्ष-ज्ञान को सब ज्ञानों में श्रेष्ठ मानते हैं। ऋषिगण और देव-समुदाय इसे परमपद कहते हैं।   |   mahabharat अध्याय 13.163: मोक्षधर्मकी श्रेष्ठताका प्रतिपादन, मोक्षसाधक ज्ञानकी प्राप्तिका उपाय और मोक्षकी प्राप्तिमें वैराग्यकी प्रधानता]   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.163.d9 
ज्ञानानामुत्तमं ज्ञानं मोक्षज्ञानं विदुर्बुधा:।
ऋषिभिर्देवसङ्घैश्च प्रोच्यते परमं पदम्॥
 
 
अनुवाद
विद्वान् पुरुष मोक्ष-ज्ञान को सब ज्ञानों में श्रेष्ठ मानते हैं। ऋषिगण और देव-समुदाय इसे परमपद कहते हैं।
 
Learned men consider the knowledge of salvation to be the best of all knowledge. The sages and the community of gods call it the supreme state.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)