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श्लोक  13.163.d86 
उमोवाच
केनोपायेन मर्त्यानां निवर्तेते जरान्तकौ।
यद्यस्ति भगवन् मह्यमेतदाचक्ष्व मा चिरम्॥
 
 
अनुवाद
उसने पूछा - हे प्रभु! मनुष्य का बुढ़ापा और मृत्यु किस उपाय से रोका जा सकता है? यदि इसका कोई उपाय हो तो कृपा करके मुझे बताइए, विलम्ब न कीजिए।
 
He asked - O Lord! By what means can old age and death of human beings be stopped? If there is any remedy for this, then please tell me, do not delay.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)