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mahabharat 13.163.d61: उस घर में भी उसके लिए सिर्फ़ एक कमरा आरक्षित है। उस कमरे में भी उसके लिए सिर्फ़ एक बिस्तर है, जिस पर वो रात को सोता है।   |   mahabharat अध्याय 13.163: मोक्षधर्मकी श्रेष्ठताका प्रतिपादन, मोक्षसाधक ज्ञानकी प्राप्तिका उपाय और मोक्षकी प्राप्तिमें वैराग्यकी प्रधानता]   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.163.d61 
एक एव प्रदिष्ट: स्यादावासस्तद्‍गृहेऽपि च।
आवासे शयनं चैकं निशि यत्र प्रलीयते॥
 
 
अनुवाद
उस घर में भी उसके लिए सिर्फ़ एक कमरा आरक्षित है। उस कमरे में भी उसके लिए सिर्फ़ एक बिस्तर है, जिस पर वो रात को सोता है।
 
In that house too, only one room is reserved for him. In that room too, there is only one bed for him, on which he sleeps at night.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)