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श्लोक  13.163.d4 
सर्वत्र विहितो धर्म: स्वर्गलोकफलाश्रित:।
बहुद्वारस्य धर्मस्य नेहास्ति विफला क्रिया॥
 
 
अनुवाद
सर्वत्र स्वर्ग के फल के आधार पर धर्म का विधान निर्धारित किया गया है। धर्म के अनेक द्वार हैं और यहाँ धर्म का कोई भी कार्य निष्फल नहीं जाता।
 
Everywhere, the law of Dharma has been laid down based on the fruit of heaven. Dharma has many doors and no act of Dharma remains fruitless here.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)