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mahabharat 13.161.d49: शुभ हो! तुम्हें इसे ही समस्त दानों का रहस्य समझना चाहिए। अब सत्पुरुषों द्वारा किये जाने वाले अन्य धार्मिक कार्यों का वर्णन सुनो।   |   mahabharat अध्याय 13.161: श्राद्धविधान आदिका वर्णन, दानकी त्रिविधतासे उसके फलकी भी त्रिविधताका उल्लेख, दानके पाँच फल, नाना प्रकारके धर्म और उनके फलोंका प्रतिपादन]   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.161.d49 
रहस्यं सर्वदानानामेतद् विद्धि शुभेक्षणे।
अन्यानि धर्मकार्याणि शृणु सद्भि: कृतानि च॥
 
 
अनुवाद
शुभ हो! तुम्हें इसे ही समस्त दानों का रहस्य समझना चाहिए। अब सत्पुरुषों द्वारा किये जाने वाले अन्य धार्मिक कार्यों का वर्णन सुनो।
 
Good luck! You should consider this as the secret of all donations. Now listen to the description of other religious activities done by good men.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)